उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी ने अब अंबेडकर जयंती को लेकर बड़ा राजनीतिक दांव चल दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए ऐलान किया कि पार्टी इस बार बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती को गांव और सेक्टर स्तर तक व्यापक रूप से मनाएगी।
उन्होंने कहा कि इस दौरान संविधान पर मंडरा रहे संकट और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर गांव-गांव चर्चा की जाएगी। सपा प्रमुख ने कहा, “हम सब लोगों ने मिलकर के यह तय किया है कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जो जयंती आ रही है उसको सेक्टर स्तर पर गांव स्तर पर हम लोग मनाने का काम करेंगे और किस तरीके का संकट है संविधान पर उस पर चर्चा हम लोग गांव स्तर पर करेंगे.”
केंद्र सरकार पर अखिलेश यादव का तीखा हमला
मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों की आवाज दबाई जाती है और महिला सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस काम नहीं किया गया है। उन्होंने लोगों से सरकार के खिलाफ एकजुट होने की अपील भी की।
सपा प्रमुख ने कहा, “यह अमृतकाल नहीं है, यह सनातनियों का संकट काल चल रहा है. जहां संत मारे जा रहे हैं, संत की हत्याएं हो रही हैं, संतों को अपमानित किया जा रहा है.”
कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने राज्य की कानून व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था पूरी तरह कमजोर हो चुकी है और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, “जिंदा लोगों को मुर्दाघर ले जा रहे हैं, स्वास्थ्य विभाग की स्थिति बुरी है.” साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान नहीं बल्कि “मन विधान” से काम कर रही है और आने वाले 2027 के चुनाव में पीडीए गठजोड़ के जरिए भाजपा को हराने का दावा किया।
बीजेपी पर लगाए आर्थिक नीतियों को लेकर आरोप
सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी पर आर्थिक नीतियों को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सौदागर की तरह काम कर रही है और हर चीज को बेचने में लगी हुई है। उनके मुताबिक बढ़ती महंगाई भ्रष्टाचार और मुनाफाखोरी की नीतियों का परिणाम है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है और आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
यूपी की राजनीति में बढ़ी चुनावी हलचल
अंबेडकर जयंती को लेकर सपा की सक्रियता को आगामी चुनावी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करने के लिए पार्टी यह अभियान चला रही है। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।