असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ग्वालपाड़ा जिले के दुधनोई में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला। अपने भाषण में उन्होंने घुसपैठ, सुरक्षा और आदिवासी विकास को प्रमुख चुनावी मुद्दा बताया।
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में असम घुसपैठियों का अड्डा बन गया था और राज्य की जमीनों पर अवैध कब्जे हुए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस फिर से सत्ता में आई तो स्थिति दोबारा बिगड़ सकती है।
उन्होंने कहा, ‘आप हमें असम में पांच साल और सरकार चलाने का मौका दीजिए, तीसरी बार भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनाइए. हमने दो बार सरकार बनाई और सारे घुसपैठिए चिह्नित करके रखे हैं. समय थोड़ा कम हो गया, एक साल और दे दो, हम राज्य को घुसपैठियों से मुक्त करा देंगे. सारे घुसपैठियों को चुन-चुनकर निकालेंगे और उन्हें वापस भेज देंगे.’
मेघालय हिंसा का जिक्र कर घुसपैठ मुद्दे को किया प्रमुख
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने असम से सटे मेघालय की गारो पहाड़ियों में हाल ही में हुई हिंसा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों ने आदिवासी महिलाओं से शादी कर स्थानीय सत्ता पर कब्जा करने की कोशिश की, जिससे संघर्ष की स्थिति बनी।
इस बयान के जरिए भाजपा ने चुनाव में सुरक्षा और जनसांख्यिकीय बदलाव के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है।
आदिवासी विकास को लेकर भाजपा का रोडमैप
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के आदिवासी समुदायों के विकास के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए भाजपा को दोबारा सत्ता में लाया जाए।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘कांग्रेस ने असम को अशांत क्षेत्र बना दिया था. असम के युवाओं की मौत पर कांग्रेस ने राजनीतिक रोटियां सेकीं. गलती से कांग्रेस असम में जीत गई तो फिर से अशांति आएगी और फिर से घुसपैठी आएंगे.’
UCC को लेकर बड़ा बयान, आदिवासियों को दी छूट
गृह मंत्री अमित शाह ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि असम में लागू होने वाली UCC के दायरे में आदिवासी समुदायों और उनके क्षेत्रों को शामिल नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘हम असम में समान नागरिक संहिता (UCC) लेकर आएंगे, अब कोई यहां चार शादी नहीं कर पाएगा. UCC के नाम कांग्रेस आदिवासियों को डराती है, लेकिन आज मैं ये स्पष्ट कर देता हूं कि आदिवासी समुदाय और आदिवासी क्षेत्र UCC के दायरे में नहीं आएंगे. आदिवासियों को UCC से बाहर रखा जाएगा. किस पर UCC लगाना है, वह मुझे पता है.’
चुनावी मुकाबला हुआ और तेज, 9 अप्रैल पर टिकी नजरें
असम में चुनावी प्रचार के अंतिम चरण में नेताओं की बयानबाजी और तेज हो गई है। भाजपा जहां सुरक्षा, घुसपैठ और विकास को प्रमुख मुद्दा बना रही है, वहीं विपक्ष सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठा रहा है। अब सबकी नजर 9 अप्रैल को होने वाली वोटिंग पर है, जहां मतदाता चुनावी दावों की असली परीक्षा करेंगे।