ट्रंप की चेतावनी पर ब्रिटेन का सीधा जवाब, पीएम स्टार्मर बोले- कितना भी शोर मचालो, देशहित से नहीं हटेंगे

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन का मुख्य फोकस आर्थिक स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीतिक समाधान पर रहेगा। साथ ही उन्होंने माना कि बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्च को लेकर जनता की चिंताएं जायज हैं, जिनसे निपटने के लिए सरकार पहले से ही ‘फाइव-पॉइंट प्लान’ पर काम कर रही है।

ऊर्जा बिल और महंगाई पर जनता को भरोसा

प्रधानमंत्री स्टार्मर ने लोगों को राहत का भरोसा दिलाते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक तनाव के बावजूद आम नागरिकों पर तुरंत असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘आज आपके एनर्जी बिल कम होंगे, क्योंकि बजट में हमने जो कदम उठाए हैं, उनका असर दिखेगा और ईरान में जो भी हो, कीमतें फिलहाल जुलाई तक फिक्स हैं.’

उनका यह बयान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के कारण तेल कीमतों में संभावित उछाल को लेकर बढ़ रही आशंकाओं के बीच आया है।

ट्रंप की चेतावनी को बताया ‘दबाव की राजनीति’

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नाटो से बाहर निकलने की संभावित चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टार्मर ने इसे दबाव बनाने की रणनीति बताया। उन्होंने कहा कि नाटो अब तक का सबसे प्रभावी सैन्य गठबंधन है और ब्रिटेन इसके प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘चाहे कितना भी प्रेशर या शोर हो, मैं हर फैसला अपने देशहित को ध्यान में रखकर ही लूंगा.’

युद्ध से दूरी बनाए रखेगा ब्रिटेन

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को लेकर ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने साफ किया कि उनका देश सीधे इस युद्ध में शामिल नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘यह हमारी लड़ाई नहीं है, और हम इसमें नहीं फंसेंगे.’

उन्होंने यह भी जोर दिया कि रक्षा और आर्थिक भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए यूरोप के साथ मजबूत संबंध बनाए रखना जरूरी है।

होर्मुज संकट पर ब्रिटेन की कूटनीतिक पहल

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते संकट को कम करने के लिए स्टार्मर ने एक बड़ी कूटनीतिक पहल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन इस सप्ताह के अंत में उन देशों के साथ एक अहम बैठक की मेजबानी करेगा, जो होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में सहयोग करना चाहते हैं।

इस बैठक की अध्यक्षता यवेट कूपर करेंगी, जिसमें समुद्री मार्गों की आजादी बहाल करने, फंसे जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति दोबारा शुरू करने पर चर्चा होगी।

वैश्विक स्तर पर सक्रिय हुआ ब्रिटेन

स्टार्मर के अनुसार ब्रिटेन पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। विदेश मंत्री और चांसलर जी7 देशों के समकक्षों से बातचीत कर चुके हैं, जबकि रक्षा मंत्री मिडिल ईस्ट के सहयोगी देशों के संपर्क में हैं।

उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ब्रिटेन ने 35 देशों को एक साझा पहल के तहत साथ जोड़ा है।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि ब्रिटेन में जीवनयापन की लागत कम करने का सबसे प्रभावी तरीका मिडिल ईस्ट में तनाव घटाना और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना है, जिसके लिए हर संभव कूटनीतिक प्रयास जारी रहेंगे।

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