अयोध्या से बड़ा ऐलान, रामलला का होगा सूर्य तिलक, राम मंदिर ट्रस्ट बैठक में लिए गए कई ऐतिहासिक फैसले

अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण त्रैमासिक बैठक शनिवार (21 मार्च) को आयोजित हुई, जिसमें मंदिर से जुड़े भविष्य के धार्मिक कार्यक्रमों, व्यवस्थाओं और कई अहम प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मीडिया को निर्णयों की जानकारी दी।

यह बैठक ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास पर आयोजित हुई, जिसमें 8 सदस्य प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए, जबकि कई अन्य सदस्य ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। इसके अलावा विशेष आमंत्रित सदस्यों ने भी बैठक में भाग लिया।

श्री राम यंत्र स्थापना कार्यक्रम की समीक्षा

बैठक में 19 मार्च को वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर आयोजित श्री राम यंत्र स्थापना कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा की गई। इससे पहले 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन और 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा जैसे ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हो चुके हैं। ध्वजारोहण और राम यंत्र स्थापना कार्यक्रमों में हजारों साधु-संतों, विशिष्ट अतिथियों और मंदिर निर्माण से जुड़े श्रमिकों की भागीदारी रही।

ऐतिहासिक आयोजनों पर बनेगी स्मरण पुस्तिका

राम मंदिर ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए भूमि पूजन, प्राण प्रतिष्ठा, ध्वजारोहण और राम यंत्र स्थापना जैसे प्रमुख आयोजनों को एक स्मरण पुस्तिका के रूप में प्रकाशित करने का निर्णय लिया है। इस पुस्तिका में इन ऐतिहासिक क्षणों से जुड़ी तस्वीरें और विस्तृत विवरण शामिल किए जाएंगे।
महासचिव चंपत राय के अनुसार, आने वाले समय में मंदिर निर्माण से जुड़े श्रमिकों और कार्यदायी संस्थाओं को सम्मानित भी किया जाएगा। साथ ही 2 अप्रैल को विशेष ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और हनुमान जयंती पर मंदिर परिसर स्थित हनुमान मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे।

22 से 25 मार्च तक ध्वजारोहण कार्यक्रम

मंदिर परिसर के विभिन्न शिखरों पर 22 से 25 मार्च के बीच ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में संतों के साथ मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिक भी शामिल होंगे, जिससे आयोजन को विशेष महत्व दिया गया है।

रामनवमी पर दिखेगा अद्भुत ‘सूर्य तिलक’

27 मार्च को रामनवमी के अवसर पर दोपहर 12 बजे एक विशेष और दिव्य क्षण देखने को मिलेगा, जब सूर्य की किरणें सीधे रामलला के मस्तक पर तिलक करेंगी। यह ‘सूर्य तिलक’ अत्याधुनिक वैज्ञानिक तकनीक की मदद से संभव हुआ है। विशेषज्ञों द्वारा तैयार उपकरणों का सफल परीक्षण किया जा चुका है और अब अगले 19 वर्षों तक हर रामनवमी पर यह दृश्य दोहराया जाएगा।

सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था पर भी चर्चा

बैठक में मंदिर की सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत मंथन किया गया। पिछले दो वर्षों में करीब 7 करोड़ श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर चुके हैं, जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
परकोटे और कुबेर टीला स्थित मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को अभी कुछ समय इंतजार करना होगा। मंदिर के चार प्रवेश द्वारों में से तीन का निर्माण पूरा हो चुका है और उनका लोकार्पण जल्द किया जाएगा। ट्रस्ट की अगली बैठक 11 जुलाई 2026 को आयोजित होगी।

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