Assam Assembly Election 2026 की घोषणा के बाद राज्य में चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और सहयोगी दलों के साथ सीटों को लेकर चर्चा लगभग पूरी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक उम्मीदवारों के नामों पर भी सहमति बन चुकी है और अगले 1 से 2 दिनों के भीतर उम्मीदवारों की सूची जारी की जा सकती है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के चुनावी कार्यक्रम भी तय किए जा रहे हैं, जिनके जरिए पार्टी राज्यभर में चुनावी अभियान को गति देने की तैयारी कर रही है।
NDA में सीट शेयरिंग फॉर्मूला लगभग तय
सूत्रों के अनुसार असम में एनडीए गठबंधन के बीच सीट शेयरिंग का फॉर्मूला लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। जानकारी के मुताबिक बीजेपी करीब 89 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, जबकि असम गण परिषद (AGP) को 26 सीटें और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) को 11 सीटें मिलने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1, 3 और 6 मार्च को असम में चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि इन जनसभाओं के जरिए बीजेपी अपने चुनाव प्रचार को और मजबूत करने के साथ मतदाताओं तक सीधी पहुंच बनाने की कोशिश करेगी।
गृहमंत्री अमित शाह का लंबा चुनावी दौरा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी जल्द ही असम के व्यापक चुनावी दौरे पर जाने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक अमित शाह 5 से 6 दिनों तक राज्य में प्रवास करेंगे और इस दौरान 12 से अधिक जनसभाओं को संबोधित कर सकते हैं।
इसके अलावा वे पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति और तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे, ताकि चुनावी अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके।
बीजेपी का लक्ष्य — 100 सीटों पर जीत
बीजेपी ने इस बार असम विधानसभा चुनाव में 100 सीट जीतने का लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार राज्य में सक्रिय हैं और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री हिमांता विश्वसर्मा के साथ असम के प्रभारी हरीश द्विवेदी राज्य में रहकर संगठन और चुनावी अभियान को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। पार्टी नेतृत्व का फोकस बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय कर जीत सुनिश्चित करने पर है।