गुजरात में सर्दी का सितम कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने ताज़ा अपडेट जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि राज्य में कड़ाके की ठंड का दौर फिलहाल थमने वाला नहीं है। अगले 48 घंटों तक पूरे गुजरात में शीतलहर का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पूर्वी दिशा से चल रही बर्फीली हवाओं ने पूरे राज्य को अपनी चपेट में ले लिया है, जिसके चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
नलिया बना सबसे ठंडा शहर, टूटा सीजन का रिकॉर्ड
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो आज का दिन इस सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया है। कच्छ जिले का नलिया शहर राज्य में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान लुढ़ककर महज 4.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में भी सर्दी का कहर जारी है; राजकोट में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री, डीसा में 10.1 डिग्री और अहमदाबाद में 11.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
20 जनवरी तक राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक, अगले दो दिनों तक कड़ाके की ठंड झेलने के बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री की मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, 20 जनवरी तक सर्दी पूरी तरह से पीछा नहीं छोड़ेगी। दक्षिण गुजरात के कुछ इलाकों में आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है, जबकि कच्छ और उत्तर गुजरात में ठंडी हवाओं की गति तेज रहने के कारण ठिठुरन बनी रहेगी।
उत्तर भारत की बर्फबारी का सीधा असर
गुजरात के अधिकतर जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे और रात का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री से नीचे चला गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं को रोकने के लिए कोई पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय नहीं होता, तब तक गुजरात में ठंड बरकरार रहेगी। उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी और कोल्डवेव का सीधा असर यहाँ के मौसम पर पड़ रहा है। अहमदाबाद में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से तापमान में गिरावट आई है, जहाँ अधिकतम तापमान 26.5 और न्यूनतम 14.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, मौसम विभाग ने देश के अन्य हिस्सों में भी घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी जारी की है।