लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य में अप्रैल-मई 2026 में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने पंचायत चुनाव के मद्देनजर वोटर रिवीजन लिस्ट (पुनरीक्षण सूची) का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इसके साथ ही मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। खबरों के मुताबिक, इस बार मतदाता सूची में करीब 40 लाख नए नाम जुड़े हैं, जो आगामी चुनावों में अपनी भूमिका निभाएंगे।
कब और कैसे कर सकते हैं दावे-आपत्तियां
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची के ड्राफ्ट का प्रकाशन कर दिया गया है। आम जनता 24 दिसंबर से 30 दिसंबर तक इस सूची का निरीक्षण कर सकती है। इसी दौरान अगर किसी का नाम छूट गया हो या कोई गड़बड़ी हो, तो दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। इन आपत्तियों का निस्तारण 31 दिसंबर से 6 जनवरी के बीच किया जाएगा। सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 6 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद सिर्फ पिछड़ा आयोग का गठन और सीटवार आरक्षण का फैसला बाकी रह जाएगा, जिसके बाद तारीखों का ऐलान संभव है।
2027 का सेमीफाइनल है यह चुनाव
राजनीतिक गलियारों में इन पंचायत चुनावों को 2027 के विधानसभा चुनाव का ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा है। सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी बिसात बिछाने में जुट गए हैं। जहां एक तरफ भारतीय जनता पार्टी इसे जनता का भरोसा जीतने के मौके के तौर पर देख रही है, वहीं समाजवादी पार्टी की कोशिश ज्यादा से ज्यादा सीटों पर कब्जा जमाकर विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत जमीन तैयार करने की है। वहीं, कांग्रेस ने अपनी अलग राह चुनी है। पार्टी ने फैसला किया है कि वह अकेले चुनाव लड़ेगी। हालांकि, इस फैसले पर कांग्रेस का कहना है कि इसका असर विधानसभा में सपा के साथ अलायंस पर नहीं पड़ेगा.