लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार (10 दिसंबर 2025) को विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सत्ता विरोधी लहर का सामना तो उन्हें करना पड़ता है जो जनहित के विरुद्ध काम करते हैं।
‘लोकतंत्र में दोहरे मापदंड नहीं चलेंगे’
अमित शाह ने विपक्ष के इस दावे का खंडन किया कि बीजेपी को सत्ता विरोधी लहर का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा, “यह बात सही है कि बीजेपी को सत्ता विरोधी लहर का कम सामना करना पड़ता है। हमारी सरकारें बार-बार चुनकर आती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि हम 2014 के बाद कोई चुनाव नहीं हारे।”
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “तब तो आप नए कपड़े पहनकर शपथ ले लेते हैं, उस वक्त मतदाता सूची का विरोध नहीं करते थे, लेकिन जब बिहार की तरह मुंह की पटकनी पड़ती है, तब मतदाता सूची गलत होती है। लोकतंत्र में दोहरे मापदंड नहीं चलेंगे।”
‘दो वोट पाकर पीएम बन गए नेहरू’
अमित शाह ने चुनावी धांधली या ‘वोट चोरी’ का एक उत्कृष्ट उदाहरण देते हुए देश के पहले प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा:
“चुनावी धांधली या ‘वोट चोरी’ का एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि स्वतंत्रता के बाद देश के प्रधानमंत्री का चुनाव राज्य प्रमुखों के वोटों के आधार पर होना था। सरदार पटेल को 28 वोट मिले, जबकि नेहरू को केवल दो वोट मिले। फिर भी आश्चर्यजनक रूप से, नेहरू प्रधानमंत्री बन गए।”
उन्होंने कहा कि जब कोई अयोग्य व्यक्ति मतदाता बन जाता है तो इसे भी वोट चोरी का मामला माना जाता है।
‘वोट चोरी को ढकने के लिए इंदिरा गांधी लाई थी कानून’
अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने रायबरेली चुनाव का जिक्र करते हुए कहा:
“इंदिरा गांधी रायबरेली से चुनी गईं। राज नारायण इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे और कहा कि यह चुनाव नियमों के अनुसार नहीं हुआ है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्णय दिया कि यह चुनाव सही तरीके से नहीं जीता गया है, इसलिए इसे रद्द किया जाता है। उसके बाद इस वोट चोरी को ढकने के लिए संसद में कानून लाया गया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई केस ही नहीं हो सकता।”
‘देश की नागरिक बनने से पहले मतदाता बनीं सोनिया गांधी’
उन्होंने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर भी आरोप लगाया। अमित शाह ने कहा, “अभी-अभी दिल्ली की अदालत में एक वाद पहुंचा है कि सोनिया गांधी इस देश की नागरिक बनने से पहले मतदाता बनीं।”
गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अपनी हार के लिए चुनाव आयोग या ईवीएम को दोष नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा, “चुनाव में आपकी हार का मुख्य कारण आपका नेतृत्व है, मतदाता सूची या ईवीएम नहीं। एक दिन कांग्रेस कार्यकर्ता इस हार के कारणों पर सवाल उठाएंगे।”