जयप्रकाश पावर वेंचर्स (JP Power) के शेयरों में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। इंट्राडे कारोबार में शेयर 9 परसेंट तक उछलकर ₹18.63 के लेवल पर कारोबार करते नजर आए। शेयरों में आई इस तेजी के पीछे एक बड़ी खबर है।
क्यों पावर शेयर बना रॉकेट?
दरअसल, ऐसी खबरें आ रही हैं कि अडानी ग्रुप, दिवालिया इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स (JAL) को खरीदने की रेस में माइनिंग सेक्टर की बड़ी कंपनी वेदांता (Vedanta) को पछाड़ सकता है।
इसी खबर के चलते नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और BSE पर स्मॉल-कैप शेयर जेपी पावर का शेयर 9.12 परसेंट चढ़कर ₹19.25 के दिन के हाई लेवल पर पहुंच गया।
जेपी पावर में दिवालिया जयप्रकाश एसोसिएट्स की लगभग 24 परसेंट की हिस्सेदारी है।
बाजार को उम्मीद है कि अगर बोली लगाने की रेस में अडानी ग्रुप बाजी मार लेता है, तो इससे जेपी पावर के कारोबार को मुनाफा पहुंचेगा।
अडानी ने वेदांता को कैसे पछाड़ा?
सितंबर में कर्ज में डूबी जेपी एसोसिएट्स के लिए खरीदार तलाशने के लिए नीलामी रखी गई थी। तब वेदांता ₹17,000 करोड़ की बोली लगाकर रेस में सबसे आगे थी, लेकिन उसने भुगतान के लिए पांच साल का प्रस्ताव रखा था।
इसके विपरीत, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने भले ही ₹12,500 करोड़ की कम बोली लगाई, लेकिन भुगतान दो साल में करने का प्रस्ताव रखा है।
बाजार सूत्रों के अनुसार, जेएएल के लेनदारों की समिति (CoC) अडानी ग्रुप के प्रस्ताव को वेदांता ग्रुप के प्रस्ताव से बेहतर मान रही है। जेएएल का कारोबार रियल एस्टेट से लेकर सीमेंट, पावर, होटल और सड़क जैसे कई बड़े सेक्टरों में फैला हुआ है।
जेपी इंफ्रा के MD गिरफ्तार
इस बीच, जेपी ग्रुप की दूसरी कंपनी जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज गौर को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में हाल ही में गिरफ्तार किया है। ईडी का आरोप है कि जयप्रकाश एसोसिएट्स ने मनोज गौर के जरिए ₹12,000 करोड़ का फ्रॉड और घर खरीदारों के पैसों का हेरफेर किया है।
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है। मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)