2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन का बेहद निराशाजनक प्रदर्शन हुआ, जहां आरजेडी महज 25 सीटों पर सिमट गई। चुनावी लड़ाई में हुई इस करारी हार की ‘आग’ अब लालू परिवार के भीतर ‘झुलस’ रही है। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने शनिवार (15 नवंबर, 2025) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक के बाद एक पोस्ट कर अंदर की कलह को सार्वजनिक कर दिया।
रोहिणी आचार्य के तीन विस्फोटक पोस्ट
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में परिवार के भीतर हुई ‘महाभारत’ और तेजस्वी की कोर टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
पहला पोस्ट: “मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं… संजय यादव और रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था… और मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं।”
दूसरा पोस्ट: “कल एक बेटी, एक बहन, एक शादीशुदा महिला, एक मां को जलील किया गया। गंदी गालियां दी गईं। मारने के लिए चप्पल उठाया गया। मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया, सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पड़ी। कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए मां-बाप-बहनों को छोड़ आई। मुझसे मेरा मायका छुड़ाया गया। मुझे अनाथ बना दिया गया। आप सब मेरे रास्ते कभी ना चलें, किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी-बहन पैदा ना हो।”
तीसरा पोस्ट: रोहिणी ने आरोप लगाया कि उन्हें गालियों के साथ बोला गया कि “मैं गंदी हूं और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी। करोड़ों रुपये लिए। टिकट लिया तब लगवाई गंदी किडनी।” उन्होंने शादीशुदा बेटियों को नसीहत देते हुए लिखा, “सभी बेटी-बहन जो शादीशुदा हैं उनको मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा-भाई हो, तो भूल कर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं। अपने भाई, उस घर के बेटे को ही बोलें कि वो अपनी या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगवा दे।”
ऐसे शुरू हुई परिवार में लड़ाई
सामने आई जानकारी के मुताबिक, चुनाव में करारी हार के बाद लालू यादव और राबड़ी देवी तेजस्वी यादव की कोर टीम के कामकाज से संतुष्ट नहीं थे। शनिवार (15 नवंबर) को दोपहर के वक्त तेजस्वी और रोहिणी में तीखी बहस हुई।
हार का जिम्मेदार: रोहिणी आचार्य आरजेडी की हार के लिए तेजस्वी के करीबी एडवाइजर संजय यादव और उनकी टीम को जिम्मेदार बता रही थीं।
तेजस्वी पर आरोप: रोहिणी आचार्य का तेजस्वी पर यह आरोप है कि वे संजय यादव के अलावा किसी की बात को नहीं सुनते हैं।
विवाद की जड़: विवाद के दौरान रोहिणी ने कहा, “जब चुनाव में सब कुछ संजय ने किया तो जिम्मेदारी भी उसे लेनी होगी।” संजय यादव के साले सुमित, जो तेजस्वी के पीए हैं, उन्हें पीए बनाए जाने पर भी रोहिणी भड़की हुई थीं।
तेजस्वी ने उठा लिया चप्पल, मीसा ने किया बीच-बचाव
जब रोहिणी ने तेजस्वी से बहस के दौरान संजय यादव के सहयोगी रमीज और अदनान की मनमानी की बात कही, तो तेजस्वी यादव को गुस्सा आ गया और उन्होंने चप्पल तक उठा लिया।
बीच-बचाव: लालू परिवार में जब यह सब हो रहा था, तो सांसद मीसा भारती भी मौजूद थीं, जिन्होंने मामला बिगड़ता देख बीच-बचाव किया और सबको समझाने की कोशिश की।
घर छोड़ा: बात बढ़ने पर रोहिणी आचार्य घर छोड़कर जाने लगीं। मां राबड़ी देवी ने उन्हें रोकना चाहा, लेकिन वे नहीं रुकीं। रोहिणी ने पटना एयरपोर्ट पर मीडिया को बयान भी दिया और परिवार के खिलाफ बोलते हुए दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।