बिहार विधानसभा चुनाव (2025) के दूसरे चरण का मतदान समाप्त होने के बाद अधिकतर एग्जिट पोल में जहां एनडीए (NDA) की सरकार बनती दिख रही है, वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने इन तमाम दावों को खारिज कर दिया है। तेजस्वी यादव ने बुधवार (12 नवंबर, 2025) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि महागठबंधन को 160 से ज्यादा सीटें मिलने वाली हैं।
उन्होंने कहा कि मतगणना से पहले उन्हें जनता दल को 1995 में मिली प्रतिक्रिया से भी बेहतर प्रतिक्रिया मिली है।
एग्जिट पोल पर उठाए सवाल, बताया ‘मनोवैज्ञानिक दबाव’
तेजस्वी यादव ने एग्जिट पोल के नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा, “कल वोटिंग में लोग लाइन में खड़े थे 6 बजे 7 बजे तक… लोग खड़े रहे और एग्जिट पोल आने लगे। हम न सर्व में खुशफहमी में रहते हैं और न ही गलतफहमी में रहते हैं। ये सर्वे केवल मनोवैज्ञानिक तौर पर जितने भी अधिकारी चुनाव में लगे हुए हैं, उनके दबाव में लाया गया है…”
राघोपुर से आरजेडी प्रत्याशी तेजस्वी यादव ने मीडियाकर्मियों से कहा कि, “पहले भी आप लोग सर्वे में दिखाते थे कि मुख्यमंत्री का चेहरा बिहार में जनता किसे पसंद करती है… तो 16 ,17 या 18 परसेंट से ज्यादा नीतीश कुमार नहीं उठ पाए। वहां तो एनडीए में इस बार घोषणा भी नहीं हुई कि आधिकारिक रूप से सीएम का चेहरा कौन होगा। ये वही मीडिया है जिन लोगों ने सर्वे में दिखाया था कि पाकिस्तान में इस्लामाबाद, लाहौर और कराची पर कब्जा लिया गया है।”
“14 को नतीजे… 18 को शपथ ग्रहण”
एग्जिट पोल के दावों को खारिज करते हुए तेजस्वी यादव ने दोहराया, “हमने पहले भी कहा था कि 14 तारीख को नतीजे होंगे और 18 को शपथ ग्रहण होगा। यह निश्चित तौर पर होने जा रहा है… बीजेपी और एनडीए के पसीने छूट रहे हैं। वे लोग बौखलाहट में हैं और बेचैन हैं।”
“72 लाख लोगों ने परिवर्तन के लिए वोट दिया”
आरजेडी नेता ने मतदान के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए बदलाव का दावा किया। उन्होंने कहा कि, “2020 की तुलना अगर इस बार के मतदान से की जाए तो 72 लाख लोगों ने इस बार ज्यादा वोट दिया है। यह काफी बड़ा आंकड़ा है।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर 72 लाख को 243 विधानसभा में हम बांटें तो 29,500 के आसपास हर विधानसभा में वोट पड़े हैं। यानी ये वोट नीतीश कुमार को बचाने के लिए नहीं पड़े हैं, ये सरकार को बदलने के लिए वोट पड़े हैं। सरकार बदलने जा रही है। ये 72 लाख लोगों ने बदलाव और परिवर्तन के लिए मतदान किया है।”
मतगणना को धीमा करने की रणनीति का आरोप
तेजस्वी यादव ने प्रशासन पर दबाव बनाने की रणनीति का आरोप लगाया और कहा, “प्रशासन के लोगों पर दबाव डालने की जो रणनीति है उसे हम, आप और बिहार के सभी लोग जानते हैं… सर्वे चलाया गया है और पूरा प्रयास किया जाएगा कि काउंटिंग को धीमा किया जाए। मतगणना की पूरी प्रक्रिया को धीमा करवाया जाएगा…”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि, “जहां बम ब्लास्ट और अन्य घटनाएं हुई हैं वहां कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी लेकिन लोकतंत्र की हत्या के लिए ये लोग सेना से बिहार के सभी जिलों में फ्लैग मार्च तक करवाएंगे ताकि लोगों में दहशत पैदा हो सके… महागठबंधन भारी जीत दर्ज करने जा रहा है…” उन्होंने अंत में कहा, “पिछली बार तो मात्र 12 हजार वोटों का अंतर रह गया था। इस बार हम लोग क्लीन स्वीप करने जा रहे हैं।”