पहले कांग्रेस का इम्तिहान लेंगे अखिलेश यादव, फिर तय करेंगे INDIA गठबंधन में सपा के बड़े दिल का साइज

इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे पर बातचीत के बदले घटक दलों के बीच दावे और जवाब दावे का दौर चल रहा है। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में गठबंधन का सबसे बड़ा दल अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी है जो कह रही है कि वो सीट मांग नहीं रही है बल्कि दे रही है।

गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस है जिसके नेता मानने को तैयार नहीं है कि यूपी में उनकी पार्टी अखिलेश यादव के रहम पर है। तभी प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने दावा कर दिया कि कांग्रेस 80 सीट पर तैयारी कर रही है। दावा और प्रतिदावा के बीच अब कहा जा रहा है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की परीक्षा लेंगे। तीन राज्यों के चुनाव में कांग्रेस जितना बड़ा दिल सपा को दिखाएगी, यूपी में अखिलेश यादव का ‘बड़ा दिल’ उसी हिसाब से एडजस्ट हो जाएगा।

याद दिला दें कि अखिलेश यादव लगातार कह रहे हैं कि सपा ने गठबंधन करने में हमेशा बड़ा दिल दिखाया है और इस बार भी वो बड़े दिल से समझौता करेगी। लेकिन सपा को प्रांतीय पार्टी से राष्ट्रीय पार्टी की तरफ ले जाने के लिए परेशान अखिलेश यादव मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कुछ सीटों पर लड़ने का मूड बना चुके हैं। एमपी में अखिलेश ने आधा दर्जन कैंडिडेट भी घोषित कर दिया है और कांग्रेस से सपा के लिए सीट छोड़ने की बातचीत चल रही है। कांग्रेस महासचिव और एमपी प्रभारी रणदीप सिंह सूरजेवाला ने माना है कि अखिलेश यादव की कमलनाथ से बात चल रही है लेकिन अंतिम फैसला पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ही लेंगे। सूरजेवाला ने ये भी कहा कि कांग्रेस अकेले 230 सीट लड़ने में सक्षम है।

मध्य प्रदेश में 2003 में सात सीट जीती थी सपा, 2018 में भी दो विधायक जीते थे

समाजवादी पार्टी 1998 से मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ रही है और 2003 के चुनाव में उसके सात विधायक जीते थे। 1998 के चुनाव में भी 4 सीट पर सपा ने जीत दर्ज की थी। सपा ने आगे 2008 और 2018 में एक-एक सीट जीती थी। एमपी का बुंदेलखंड का इलाका ही है जहां सपा के साथ-साथ बसपा का भी जोर है। 2018 के चुनाव में सपा 52 सीट पर चुनाव लड़ी थी लेकिन जीती सिर्फ बिजवार सीट। पूरे राज्य में सपा को 1.53 परसेंट मिला लेकिन सिर्फ लड़ी हुई सीटों पर मिले वोट को देखें तो उसे 6.26 परसेंट वोट मिला। 52 में 45 सीट पर सपा कैंडिडेट की जमानत जब्त हो गई थी। अखिलेश यादव की चाहत है कि उसे एमपी में कांग्रेस गठबंधन के तहत कुछ सीट दे। सीट की संख्या दो-तीन तक हो सकती है। अखिलेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस से सीट मांग रहे हैं लेकिन शायद वहां एक सीट पर भी बात ना बने।

अखिलेश यादव का मध्य प्रदेश दौरा 27 और 28 सितंबर को, सिरमौर में रैली, खजुराहो में सम्मेलन

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रचार के लिए अखिलेश यादव दो दिन के दौरे पर 27 और 28 सितंबर को एमपी जा रहे हैं। अखिलेश यादव रीवा के सिरमौर में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे जबकि खजुराहो में कार्यकर्ता सम्मेलन रखा गया है।

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