CJI गवई पर हमले की कोशिश पर भड़कीं मायावती, बोलीं– घटना बेहद शर्मनाक और निंदनीय

Mayawati on CJI Attack: सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश बी.आर. गवई पर हमले की कोशिश के बाद देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती ने इस घटना को “अत्यंत दुखद और शर्मनाक” बताया है। उन्होंने कहा कि इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया जाना चाहिए।

मायावती ने कहा – “घटना अति-दुखद और शर्मनाक”

बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा —

“भारत के प्रधान न्यायाधीश बी.आर. गवई के साथ आज कोर्ट में सुनवाई के दौरान उन पर अभद्रता करने की कोशिश अति-दुखद तथा इस शर्मनाक घटना की जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। सभी को इसका उचित और समुचित संज्ञान ज़रूर लेना चाहिये।”

मायावती के बयान के बाद कई अन्य दलों के नेताओं ने भी इस हमले की निंदा की।

अखिलेश यादव बोले – “वर्चस्ववाद की बीमारी से ग्रसित हैं ऐसे लोग”

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा —

“पीडीए समाज का अपमान करने वाले ऐसे असभ्य लोग दरअसल अपने दंभ और अहंकार के मारे होते हैं। इनकी प्रभुत्ववादी सोच नफरत को जन्म देती है, जो देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए जितनी होती है, उतनी ही समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति के लिए भी।”

अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि “पीड़ित, दुखी और अपमानित (PDA) समाज अब और अपमान नहीं सहेगा।”

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का बयान

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी इस घटना की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा —

“देश के इतिहास में यह काले दिन के रूप में लिखा जाएगा। एक दलित का बेटा सीजेआई बना है, यह कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा है। देश संविधान से चलेगा, जिसमें सबके अधिकार सुरक्षित हैं। सनातन धर्म प्रेम का धर्म है, लेकिन आप नफरत फैला रहे हैं।”

कोर्ट में क्या हुआ था

घटना सोमवार की है, जब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान वकील राकेश किशोर ने सीजेआई बी.आर. गवई की ओर जूता फेंकने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया और अदालत कक्ष से बाहर ले गए।

यह घटना अब न्यायपालिका और राजनीतिक हलकों में गहरी चिंता का विषय बन गई है।

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