बरेली में ‘I Love Mohammad’ विवाद के बाद भड़की हिंसा मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इत्तेहाद-ए-मिल्लत परिषद के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा के करीबी सहयोगी नदीम को पुलिस ने हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा अचानक नहीं हुई, बल्कि यह पहले से योजनाबद्ध साजिश का हिस्सा थी।
जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा
शुक्रवार (26 सितंबर) को जुमे की नमाज के बाद बरेली के कई इलाकों में मुस्लिम समाज के लोग ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे बैनर और पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे। खलील स्कूल के पास कुछ उपद्रवियों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस को हालात संभालने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान हिंसा और पथराव की घटनाएं सामने आईं।
साजिश की परतें खुलीं
बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि नदीम ने कथित तौर पर इस पूरे उपद्रव की योजना बनाई थी। उसने व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए 55 लोगों से संपर्क साधा और उनके जरिए करीब 1,600 लोगों की भीड़ इकट्ठा की। जांच में यह भी सामने आया कि यह साजिश सीएए-एनआरसी विरोधी प्रदर्शनों की तरह रची गई थी, जिसमें नाबालिगों को भीड़ के आगे रखने की योजना बनाई गई थी।
पुलिस को किया था गुमराह
अधिकारियों ने खुलासा किया कि बृहस्पतिवार रात नदीम अपने साथियों नफीस और लियाकत के साथ पुलिस के पास गया और आश्वासन दिया कि शुक्रवार को कोई प्रदर्शन नहीं होगा। उसने इस संबंध में पुलिस को एक पत्र भी सौंपा, लेकिन बाद में जांच में वह पत्र जाली निकला।
180 नामजद, 2500 अज्ञात पर मुकदमा
हिंसा के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मौलाना तौकीर रजा समेत 180 लोगों को नामजद किया है, जबकि 2,500 अज्ञात दंगाइयों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर दंगा करने, पथराव, हिंसा भड़काने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।
योगी सरकार की सख्ती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल बरेली और आसपास के जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है, जबकि मोबाइल इंटरनेट सेवाएं सोमवार को भी बाधित रहीं।