UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बुंदेलखंड क्षेत्र के ऐतिहासिक किलों को राज्य सरकार को हस्तांतरित करने की मांग की है। सीएम ने कहा कि इन धरोहरों के संरक्षण और विकास से बुंदेलखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया जा सकता है।
एएसआई से राज्य सरकार को सौंपने की अपील
मुख्यमंत्री की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, फिलहाल ये किले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और संस्कृति मंत्रालय के संरक्षण में हैं। सीएम योगी ने पीएम से अनुरोध किया है कि तालबेहट किला (ललितपुर), कालिंजर किला (बांदा), मड़फा (चित्रकूट), बरुआ सागर (झांसी) और घाट की सीढ़ियां राज्य सरकार को हस्तांतरित किए जाएं ताकि उनका व्यापक विकास हो सके।
पर्यटन मंत्री ने दी जानकारी
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है, “बुंदेलखंड भारत का हृदयस्थल है। प्राचीन काल में इसे दशार्ण, जेजाकभुक्ति और जुझौती कहा जाता था। यह क्षेत्र पाषाण युग से लेकर गुप्त और चंदेल काल तक मानव सभ्यता और सांस्कृतिक धरोहर का साक्षी रहा है।”
“संस्कृति और शौर्य की भूमि है बुंदेलखंड”
सीएम योगी ने पत्र में उल्लेख किया कि बुंदेलखंड शौर्य और पराक्रम की कहानियों से भरा हुआ है और भारतीय संस्कृति व सभ्यता में इसका अमूल्य योगदान रहा है। उन्होंने लिखा, “यह भूमि शैक्षणिक, सांस्कृतिक, कलात्मक, प्राकृतिक, आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से समृद्ध है, लेकिन वर्ष 2014 तक उपेक्षित रही।”
पीएम मोदी की प्रेरणा का भी किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने पत्र में यह भी याद दिलाया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा था कि इस क्षेत्र के महलों, किलों और स्मारकों को संरक्षित कर पर्यटन की दृष्टि से विश्व पटल पर स्थापित किया जाना चाहिए।