मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में गौ सेवा ट्रस्ट के नाम पर किए गए एक बड़े धोखाधड़ी कांड का पर्दाफाश हुआ है। जालसाजों ने भारतीय स्टेट बैंक (छावनी शाखा) के जरिए करीब 21 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह का सरगना अभी फरार है।
ऐसे हुआ घोटाले का खुलासा
साइबर थाना प्रभारी प्रमोद कुमार शर्मा ने बताया कि बैंक मैनेजर को शक तब हुआ जब 27 अगस्त को गौ सेवा ट्रस्ट के नाम से खोले गए खाते में जमा 20.93 करोड़ रुपये महज दो-तीन दिनों में अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। खाते में केवल 7 लाख रुपये ही बचे थे। अचानक भारी रकम ट्रांसफर होते देख प्रबंधक ने खाते को तुरंत होल्ड कर लिया और खाताधारक से जवाब मांगा, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।
विभिन्न राज्यों से मिली 144 शिकायतें
साइबर थाने को ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिकॉर्ड पोर्टल (NCRP)’ के माध्यम से पिछले 10 दिनों में आगरा, अलीगढ़, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु समेत अलग-अलग राज्यों से 144 ऑनलाइन शिकायतें मिलीं। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई तेज कर दी।
पुलिस ने बरामद किए फर्जी दस्तावेज
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने एक मोबाइल फोन और दो फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों में गौतम उपाध्याय (लक्ष्मीपुरम कॉलोनी निवासी), शिवम कुमार और गोविंद कुमार (सुंदरवन, बालाजीपुरम निवासी) शामिल हैं।
मास्टरमाइंड की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि गिरोह का सरगना अभी फरार है और उसकी तलाश के लिए विशेष टीम बनाई गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इतनी बड़ी ठगी को अंजाम देने के लिए जालसाजों ने कौन-सा नेटवर्क और तकनीक इस्तेमाल की।