भारत के नए उपराष्ट्रपति पद का चुनाव मंगलवार (9 सितंबर, 2025) को हुआ, जिसमें एनडीए उम्मीदवार और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने विपक्षी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों के अंतर से हराया।
कितना रहा वोटों का अंतर?
- सीपी राधाकृष्णन को मिले कुल वोट: 452
- बी. सुदर्शन रेड्डी को मिले कुल वोट: 300
- अवैध वोट: 15
👉 कुल अंतर: 152 वोट
बहुमत का आंकड़ा और राधाकृष्णन की बढ़त
उपराष्ट्रपति चुनाव में कुल 788 सांसदों में से 767 ने मतदान किया। जीत के लिए जरूरी आंकड़ा था 391 वोट, जबकि राधाकृष्णन को 452 वोट मिले। यानी उन्होंने बहुमत से 61 वोट ज्यादा पाकर उपराष्ट्रपति पद अपने नाम किया।
क्रॉस वोटिंग ने बढ़ाई राधाकृष्णन की ताकत
इस चुनाव में राधाकृष्णन को एनडीए की कुल संख्या से 25 वोट ज्यादा मिले।
- इनमें से 11 वोट YSRCP के सांसदों ने दिए।
- बाकी 14 वोट किस दल से मिले, यह साफ नहीं हो पाया है।
किसने किया चुनाव का बहिष्कार?
- बीजेडी (7 सांसद)
- बीआरएस (4 सांसद)
- शिरोमणि अकाली दल (1 सांसद)
- वारिस पंजाब दे के 2 सांसद (सरबजीत सिंह खालसा और अमृतपाल सिंह)
👉 कुल 14 सांसदों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
विपक्ष को बड़ा झटका
कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने 315 सांसदों के समर्थन का दावा किया था, लेकिन बी. सुदर्शन रेड्डी को केवल 300 वोट ही मिल पाए। 15 वोट अवैध घोषित होने से विपक्षी खेमे को बड़ा नुकसान हुआ।
नतीजा साफ है – सीपी राधाकृष्णन ने क्रॉस वोटिंग के सहारे न सिर्फ जीत दर्ज की, बल्कि उम्मीद से कहीं ज्यादा बढ़त बनाकर विपक्ष को करारा झटका दिया।