प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को 21वीं सदी की वैश्विक चुनौतियों से निपटने का मंत्र दिया और अगले दौर के आर्थिक सुधारों को तेज करने का ऐलान किया। इसके लिए सरकार ने एक विशेष टास्क फोर्स गठित की है, जिसका लक्ष्य भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है।
टास्क फोर्स का उद्देश्य
पीएम मोदी ने कहा कि इस टास्क फोर्स का काम वर्तमान नियम, कानून और नीतियों को आधुनिक वैश्विक वातावरण के अनुरूप बनाना होगा। इसका मकसद कारोबारियों, स्टार्टअप्स, लघु एवं गृह उद्योगों और उद्यमियों के लिए नियमों का अनुपालन आसान करना है। इससे न सिर्फ कारोबारी माहौल सुधरेगा, बल्कि निर्यात को भी नई ताकत मिलेगी।
किसे मिलेगा लाभ?
प्रधानमंत्री ने कहा, “नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म्स के लिए हमने एक टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय किया है, जो समयबद्ध तरीके से यह काम पूरा करेगी। इसका लाभ उन सभी को मिलेगा जो अपना भविष्य बनाने के लिए नई पहल करना चाहते हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे स्टार्टअप्स और छोटे उद्योगों पर कंप्लायंस का बोझ घटेगा और वैश्विक बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी।
खत्म होंगे अनावश्यक कानून
पीएम मोदी ने संकेत दिया कि आने वाले बदलाव व्यापक होंगे और उन कानूनों को भी हटाया जाएगा, जिनके तहत मामूली कारणों पर भी लोगों को जेल भेजा जाता है। उन्होंने कहा, “हमारे देश में छोटी-छोटी बातों के लिए जेल में डालने के कानून हैं, जिन पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। मैं चाहता हूं कि ऐसे अनावश्यक कानून खत्म हों।”
सुधारों का लंबा सफर
हालांकि बीते वर्षों में बैंकिंग, बीमा, कृषि, श्रम और भूमि सुधार से जुड़े कई ऐलान हुए, लेकिन सभी पर अमल नहीं हो सका। अब सरकार इस नए टास्क फोर्स के जरिए सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि भारत 2047 तक विकसित देशों की कतार में खड़ा हो सके।