बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में मानसिक रूप से कमजोर 21 वर्षीय मूक-बधिर युवती से कथित रेप मामले ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को “बेहद जघन्य” बताते हुए योगी सरकार पर सीधा हमला बोला और कानून-व्यवस्था के दावों पर सवाल उठाए।
अखिलेश का तंज
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, “बलरामपुर में एक दिव्यांग के साथ दुष्कर्म की गंभीर घटना सामने आई है। कानून-व्यवस्था का दावा करने वाले इस मामले में जनता से आंख मिलाकर कुछ कहना चाहेंगे? पीड़िता को हर संभव राहत-सहायता और चिकित्सा सुविधा दी जाए।”
उन्होंने सरकार से अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने और “एनकाउंटर का दिखावा” बंद करने की मांग की।
घटना के बाद कार्रवाई
बलरामपुर पुलिस ने घटना के दो दिन बाद तड़के एक मुठभेड़ में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। विपक्ष का कहना है कि यह घटना राज्य में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाती है।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने आरोप लगाया कि सामूहिक दुष्कर्म के बाद आरोपी, पीड़िता को पुलिस चौकी से मात्र 20 मीटर की दूरी पर छोड़ गए। पार्टी ने दावा किया कि एसपी आवास के बाहर लगे सीसीटीवी में युवती को भागते और बाइक सवार 5-6 लोगों को उसका पीछा करते साफ देखा जा सकता है।
आप का बयान
आम आदमी पार्टी ने कहा कि यह घटना साबित करती है कि योगी राज में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। आरोप है कि पीड़िता आरोपियों से बचते हुए पुलिस अधीक्षक आवास के पास से गुजरी, लेकिन उसे कोई मदद नहीं मिली। आप ने यह भी आरोप लगाया कि यूपी और अन्य भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक है और सरकार व पुलिस दोनों लापरवाह हैं।