ट्रंप के 50% टैरिफ अटैक पर भारत का पलटवार कैसा होगा? शशि थरूर ने खोल दिया अमेरिका का दोहरा खेल

नई दिल्ली. अमेरिका द्वारा भारत के रूसी तेल आयात पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाने के फैसले के बाद राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने इस फैसले की तीखी आलोचना करते हुए इसे “दोहरा मापदंड” करार दिया है। उन्होंने अमेरिका की नीतियों पर सवाल उठाते हुए भारत की संभावित प्रतिक्रिया का भी संकेत दिया।

थरूर का हमला: “यह दोस्ती जैसी नहीं लगती”

थरूर ने कहा कि भारत को निशाना बनाना गलत है, जबकि अमेरिका खुद रूस से यूरेनियम और पैलेडियम जैसे सामान मंगवा रहा है। उन्होंने एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा –
“यूरेनियम, पैलेडियम जैसे कई उत्पाद अमेरिका रूस से आयात कर रहा है। फिर भी भारत को टारगेट किया गया। यह किसी दोस्त देश की दोस्ती जैसी नहीं लगती।”

थरूर ने यह भी सवाल उठाया कि जब चीन, भारत से ज्यादा रूसी तेल खरीद रहा है, तब उसे 90 दिनों की छूट क्यों दी गई, जबकि भारत पर फौरन टैरिफ लागू कर दिया गया।

अमेरिकी बाजार में भारत को झटका, प्रतिस्पर्धा से पिछड़ने का डर

थरूर ने चेतावनी दी कि 50% टैरिफ से भारतीय उत्पाद अमेरिका में महंगे हो जाएंगे, जिससे पाकिस्तान (19%), बांग्लादेश (20%) और वियतनाम (20%) जैसे देशों से मुकाबला करना मुश्किल हो जाएगा।
“लोग सबसे सस्ती चीज की ओर रुख करेंगे और यह टैरिफ हमारी कीमतों को ऊपर ले जाएगा।”

भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई

शशि थरूर ने इशारा किया कि इस कदम के बाद भारत सरकार पर दबाव बढ़ेगा कि वह भी अमेरिकी उत्पादों पर टैक्स बढ़ाए। उन्होंने कहा –
“अब भारत में भी दबाव होगा कि अमेरिका के निर्यात पर समान टैरिफ लगाए जाएं। हमें अब अन्य व्यापारिक साझेदारों की ओर देखना होगा।”

पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप की टैरिफ रणनीति के बीच कहा कि भारत अपने किसानों, मछुआरों और डेयरी क्षेत्र के लोगों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा।
“हमारे लिए किसानों का हित सर्वोपरि है। भारत किसानों, मछुआरों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा। मेरा मानना है कि मुझे व्यक्तिगत रूप से इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी और मैं इसके लिए तैयार हूं।”

मोदी का यह बयान स्पष्ट संकेत देता है कि भारत किसी भी बाहरी दबाव में झुकने वाला नहीं है।

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