लखनऊ: उत्तर प्रदेश के ग्रामीणों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अब गांव के पंचायत सचिवालयों में ही आधार कार्ड बनवाने और उसमें संशोधन कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने इस संबंध में पंचायती राज विभाग को अनुमति दे दी है। राज्य सरकार इस सेवा को चरणबद्ध तरीके से सभी ग्राम पंचायतों में शुरू करने जा रही है।
शहर नहीं, अब पंचायत में ही मिलेगा आधार कार्ड
गांव में रहने वाले लोगों को अब आधार कार्ड बनवाने या उसमें बदलाव करवाने के लिए शहरों की ओर भागना नहीं पड़ेगा। साथ ही जन सेवा केंद्रों की तलाश भी नहीं करनी होगी। वे सीधे अपने गांव के पंचायत सचिवालय में जाकर यह सेवा तय शुल्क पर प्राप्त कर सकेंगे।
11 अगस्त से शुरू होगा पंचायत सहायकों का प्रशिक्षण
पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने जानकारी दी कि, “पंचायत सचिवालयों में आधार सेवा शुरू करने के लिए 11 अगस्त से पंचायत सहायकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।” पहले चरण में लगभग 2500 ग्राम पंचायतों में यह सुविधा शुरू होगी और इसके बाद इसे सभी 57,691 ग्राम पंचायतों में विस्तार दिया जाएगा।
बैंक और CSR के माध्यम से होगी शुरुआत
फिलहाल यह सुविधा बैंकों और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत पंचायत सचिवालयों में शुरू की जाएगी। भविष्य में इसके लिए बजट का भी प्रावधान किया जाएगा। आधार सेवाओं का संचालन करने वाले पंचायत सहायकों को निर्धारित शुल्क में से एक निश्चित राशि प्रोत्साहन (Incentive) के रूप में भी दी जाएगी।
इस पहल से गांव के लोगों को समय, धन और भागदौड़ से मुक्ति मिलेगी, साथ ही डिजिटल सेवाओं की पहुंच भी सुदृढ़ होगी।