पटना। लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की घोषणा कर दी है, जिसमें सामाजिक संतुलन और वफादार नेताओं को प्राथमिकता दी गई है। लालू प्रसाद यादव ने एक बार फिर अपने कोर वोट बैंक — यादव और मुस्लिम समुदाय — को साधने के साथ-साथ महिलाओं, अति पिछड़े वर्गों और सवर्णों को भी प्रतिनिधित्व देकर 2025 की तैयारियों का संकेत दे दिया है।
28 सदस्यीय कार्यकारिणी में पुराने चेहरों को तरजीह
घोषित कार्यकारिणी में कुल 28 सदस्यों को शामिल किया गया है, जिनमें से अधिकांश बिहार से हैं। इस लिस्ट में केवल दो ही चेहरे नए हैं — पूर्व मंत्री रेणु कुशवाहा और उनके पति विजय वर्मा। जबकि शेष सभी पुराने वफादार नेता हैं।
अनुभव, निष्ठा और लालू परिवार के प्रति समर्पण को प्राथमिकता दी गई है।
ये नेता बने उपाध्यक्ष
- राबड़ी देवी – पूर्व मुख्यमंत्री, फिर से उपाध्यक्ष नियुक्त
- उदय नारायण चौधरी – पूर्व विधानसभा अध्यक्ष
- महबूब अली कैसर – पहली बार उपाध्यक्ष बने
- जगदानंद सिंह – पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली
प्रमुख पदाधिकारियों की सूची
- प्रधान महासचिव: अब्दुल बारी सिद्दीकी
- कोषाध्यक्ष: सुनील कुमार सिंह
- महासचिव: जय प्रकाश नारायण यादव, भोला यादव, ललित कुमार यादव, कुमार सर्वजीत, डॉ. नीललोहितदास, सैयद फैसल अली, अभय सिंह, सुखदेव पासवान, सुशीला मोराले, अनु चाको, अलख निरंजन उर्फ बीनू यादव, रेणु कुशवाहा
- सचिव: विजय वर्मा, संतोष कुमार जयसवाल, भारत भूषण मंडल, कार्तिकेय कुमार सिंह, स्वीटी सीमा हेम्ब्रम समेत अन्य
सामाजिक संतुलन का पूरा ख्याल
RJD ने इस सूची में विभिन्न जातीय और सामाजिक वर्गों को संविधानिक संतुलन के साथ प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है:
| जाति वर्ग | पदों की संख्या |
|---|---|
| यादव | 07 |
| अनुसूचित जाति | 05 |
| मुस्लिम | 03 |
| सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग | 03 |
| कुशवाहा | 02 |
| ईसाई | 02 |
| राजपूत | 02 |
| जनजातीय | 02 |
| भूमिहार | 01 |
| कुर्मी | 01 |
बिहार से बाहर के नेताओं को भी मौका
समिति में 5 चेहरे बिहार के बाहर से भी शामिल किए गए हैं:
- अनु चाको (केरल)
- नीललोहित दास (पूर्वोत्तर)
- सुशीला मोराले (दक्षिण भारत)
- अभय सिंह (झारखंड)
- संतोष कुमार जयसवाल (दिल्ली)
दूसरा अहम परिवार: जगदानंद सिंह के बेटे को मिला पद
लालू परिवार के बाद RJD में अब जगदानंद सिंह का परिवार भी प्रभावशाली होता दिख रहा है। उनके बेटे सुधाकर सिंह को किसान प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।
तेजस्वी का बढ़ता प्रभाव
राष्ट्रीय परिषद की बैठक में तेजस्वी यादव की भूमिका भी अहम रही, जहां उन्होंने जगदानंद सिंह को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की पैरवी की थी। यह साफ संकेत है कि तेजस्वी पार्टी में नेतृत्व को मजबूत करने के साथ संगठन की नई दिशा भी तय कर रहे हैं।
अब निगाहें 2025 पर
RJD की यह नई कार्यकारिणी सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश के साथ साथ राजनीतिक संदेश भी है कि पार्टी जमीनी स्तर पर मजबूत हो रही है और चुनाव से पहले संगठन को पूरी तरह सक्रिय करना चाहती है।