राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने त्रिवेणी में लगाई डुबकी,अक्षयवट एवं बड़े हनुमान जी का किया दर्शन-पूजन

प्रयागराज महाकुंभ( जिला संवाददाता)प्रयाग की पावन धरा पर सोमवार को देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगमन हुआ। स्वागत के लिए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल महोदया एवं मुख्यमंत्री योगी जी पहले से ही उपस्थित रहे।और इसकी भव्यता व दिव्यता की साक्षी बनेंगी।संगम स्नान करने के लिए महामहिम राष्ट्रपति जी त्रिवेणी घाट पर गई और आस्था की डुबकी लगाई।इसके साथ ही वे अक्षयवट मंदिर और बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। राष्ट्रपति मुर्मू मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाकर सनातन आस्था को मजबूत आधार देने हेतु सांकल किया। देश की प्रथम नागरिक का संगम में पावन डुबकी लगाने का यह ऐतिहासिक क्षण होगा। बता दें कि इससे पहले भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भी महाकुम्भ में पावन स्नान किया था।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दूसरी ऐसी राष्ट्रपति है जिन्होंने महाकुंभ में स्नान किया । राष्ट्रपति महोदया ने कहा कि सनातन संस्कृति में अक्षयवट को अमरता का प्रतीक माना जाता है। यह हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण स्थल है, जिसकी महत्ता पुराणों में भी वर्णित है। इसके अलावा वे बड़े हनुमान मंदिर में भी दर्शन करेंगी और पूजा-अर्चना कर देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चातआधुनिक भारत और डिजिटल युग के साथ धार्मिक आयोजनों को जोड़ने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल की खूब प्रशंसा की। उन्होंने डिजिटल महाकुम्भ अनुभव केंद्र का अवलोकन किया, जिसमें महाकुम्भ मेले की विस्तृत जानकारी तकनीकी माध्यमों से उपलब्ध कराई जा रही है। यहां देश-विदेश के श्रद्धालुओं को इस अद्भुत आयोजन को और अधिक निकटता से अनुभव करने के लिए स्थापित किया गया है। राष्ट्रपति शाम चार बजे के बाद प्रयागराज से वापस नई दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।राष्ट्रपति का यह दौरा न केवल प्रयागराज के लिए ऐतिहासिक रहा, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए भी एक प्रेरणादायी क्षण रहा। उनकी उपस्थिति से महाकुम्भ के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को एक नई ऊंचाई मिली।

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