
सांसदों ने आज जो कुछ किया है वह सब देश के सामने है। देश को निर्णय लेना ही होगा कि संसद में उसे कैसे प्रतिनिधि चाहिए? जनता के लिए सरकार से भिड़ना अलग बात है लेकिन अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए किसी के साथ हिंसा करना अलग बात है।यह सब तब हुआ जब हाल ही में संसद ने ‘भारतीय संविधान के 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ पर चर्चा की। देखा जाये तो यह कांग्रेस का दोमुंहापन नहीं तो और क्या है कि एक ओर उसके सांसद जय भीम के नारे लगा कर प्रदर्शन कर रहे थे तो दूसरी ओर पार्टी के नेता संविधान और नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए गुंडागर्दी पर उतर रहे थे।भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत गुरुवार को संसद भवन की सीढ़ियों से गिर कर चोटिल हो गए. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाया. दोनों को आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धक्का-मुक्की और फिर ड्रामेबाजी…संसद के शीतकालीन सत्र में भारी हंगामा देखने को मिला। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के चलते सदन का कामकाज बाधित हो गया. यह हंगामा तब चरम पर पहुंचा जब सदन के गेट पर धक्का-मुक्की और नारेबाजी की घटनाएं सामने आईं। संसद भवन के ‘मकर द्वार’ के निकट सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्य एक दूसरे के सामने आ गए और जमकर नारेबाजी की।विपक्ष के नेता अंबेडकर पर अमित शाह के बयान की निंदा और इस्तीफे की मांग कर रहे थे तो वहीं, बीजेपी के सांसद अंबेडकर पर कांग्रेस की बयानबाजी का विरोध कर रहे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के सांसद आमने-सामने आ गए और फिर धक्का-मुक्की का ‘खेल’ शुरू हुआ। विपक्ष के कई सदस्य नीले रंग के कपड़े पहन कर संसद पहुंचे थे और उनके हाथ में बाबासाहेब की तस्वीर वाली तख्तियां थीं नीला रंग आंबेडकर और उनके विचारों के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है।अक्सर सफेद रंग की टी-शर्ट पहनने वाले राहुल गांधी को नीले रंग की टी-शर्ट पहनकर संसद पहुंचे. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने नीले रंग की साड़ी पहन रखी थी.केंद्रीय मंत्री अमित शाह की ओर से आंबेडकर पर दिए गए बयान को लेकर विपक्ष के सांसद प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी सदस्यों ने दावा किया कि शाह की टिप्पणी आंबेडकर का अपमान है.विपक्षी सांसदों ने पहले ही संसद भवन के अंदर प्रदर्शन करने की तैयारी कर ली थी। कांग्रेस सांसदों ने मकर द्वार के पास विरोध प्रदर्शन शुरू किया। जवाब में बीजेपी सांसद भी विरोध करने लगे और दोनों पक्षों के नेताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई इससे पहले बुधवार के दिन भी विपक्षी नेताओं ने जमकर हंगामा किया था। इसके बाद सदन की कार्रवाई रद्द करनी पड़ी थी। गृहमंत्री अमित शाह ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर राज्यसभा में जो बयान दिया था, उसी को लेकर विपक्ष बवाल कर रहा है। अमित शाह ने विपक्षी दलों के नेताओं पर बाबा साहेब के नाम का दुरुपयोग अपने फायदे के लिए करने का आरोप लगाया था। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि गृह मंत्री बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान किया है। वैसे तो संसद में अब तक माइक तोड़ने, पर्चे फाड़ने या शोर मचाने जैसे वाकये सामने आते थे लेकिन अब जिस तरह धक्का मुक्की होने लगी है उसने भारत की संसदीय प्रणाली पर सवालिया निशान भी खड़ा कर दिया है।