‘मैं राहुल बोल रहा हूं, सॉरी…’, प्रभात के पिता से कांग्रेस सांसद ने क्या-क्या कहा?

कांग्रेस ने बुधवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा का घेराव करने की योजना बनाई थी. हालांकि, पुलिस ने रोक दिया था. इसके बाद प्रदर्शन हुआ. इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता प्रभात पांडे की मौत हो गई. कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रभात के पिता दीपक पांडे से बात की और शोक व्यक्त किया. राहुल ने उन्हें परिवार के साथ हर तरह से खड़े रहने का भरोसा दिलाया. आइए जानते हैं राहुल गांधी और प्रभात के पिता दीपक के बीच क्या बातचीत हुई.
राहुल गांधी: दीपक जी, मैं राहुल बोल रहा हूं. नमस्कार, बहुत सॉरी, परिवार को मेरा प्यार. किसी भी चीज की जरूरत हो तो पार्टी को बता देना. हम सब आपके साथ हैं.
राहुल: क्या हुआ था?
दीपक पांडे: मैं कुछ नहीं बता सकता. मुझे कुछ नहीं जानकारी है. मुझे अचानक फोन आया. फोन क्या आया 1 बजे से 5 बजे के बीच प्रभात की मां उसे फोन कर रही थी. उसका फोन नहीं रिसीव हुआ. उसके बाद 5 बजे रिसीव हुआ तो किसी और ने उठाया. उसने कहा कि ये बेहोश पड़े हैं.
दीपक पांडेः हमने कहा कौन बेहोश पड़े हैं, कहां पड़े हैं? तो कार्यालय का नाम लिया. उसके बाद फोन कट गया. तब से हम लोग फोन करके हार गए, किसी ने फोन भी नहीं उठाया. फिर इसकी खबर मैंने अपने भाई को दी, मनीष पांडे जो लखनऊ में पत्रकार हैं. वो उठाकर उसे सिविल अस्पताल ले गए. वहां से ही हमको खबर सुनने को मिली. हमारा तो चिराग चला गया.
राहुल गांधी: सॉरी, बहुत दुख की बात है. मगर हम सब आपके लिए हैं. मम्मी को आपको और प्यार पूरे परिवार को प्यार.
इससे पहले प्रभात के चाचा ने गंभीर आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि बेहोश हो जाने के बाद भतीजे को डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए था. अगर, पार्टी ऑफिस के लोगों ने ध्यान दिया होता तो भतीजे की जान बच सकती थी. चाचा मनीष पांडे ने गुरुवार को गोरखपुर में मीडिया से बात की थी.फोन करने वाले ने कार्यालय पहुंचने के लिए कहा
इसी दौरान उन्होंने कहा था कि बुधवार को उनके पास कांग्रेस दफ्तर से फोन आया. उन्हें बताया गया कि उनका भतीजा बेहोश पड़ा है और हिल-डुल नहीं रहा है. फोन करने वाले ने उसने पार्टी कार्यालय पहुंचने के लिए कहा. इसके बाद उन्होंने अपने एक परिचित को कार्यालय भेजा.उन्होंने बताया, कांग्रेस कार्यकर्ता भतीजे को अस्पताल ले गए. वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. अगर पार्टी दफ्तर में मौजूद लोगों ने थोड़ा सा भी ध्यान दिया होता तो उसकी जान बच सकती थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि प्रभात के दोनों फेफड़े बंद हो गए थे. वो सांस नहीं ले पा रहा था. दम घुटने से उसकी मौत हुई.

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