
बीते एक साल से ज्यादा समय से गाजा में हमास जैसे उग्रवादी संगठन से लड़ रहे इजरायल ने अब एक और खतरनाक प्लान तैयार किया है। इजरायल की बेंजामिन नेतन्याहू सरकार का प्लान है कि उत्तरी गाजा के सारे रास्तों को ही बंद कर दिया जाए।
इससे गाजा के लिए सप्लाई रुक जाएगी और वहां पहुंचने वाली खाद्य सामग्री और पानी जैसी बुनियादी चीचें भी अटक जाएंगी। इससे हमास के आतंकियों को भूख और प्यास से मरना पड़ेगा या फिर निकलकर इजरायली सेना से लड़ना होगा। ऐसी स्थिति में भी इजरायली सेना उन्हें मार गिराएगी।चिंता की बात यह है कि इजरायल के इस ऐक्शन से उत्तरी गाजा में रह रहे ऐसे हजारों फिलिस्तीनी भी मारे जाएंगे, जो वहां से निकलना नहीं चाहते। बीते एक साल से जारी जंग में कई बार इजरायल की ओर से चेतावनी जारी की गई है कि आम लोग उत्तरी गाजा को खाली कर दें। इसके बाद भी लोग वहां से अपने घर छोड़कर भागने के इच्छुक नहीं हैं। इस बीच रविवार को इजरायल की ओर से वॉर्निंग जारी की गई। अब इजरायल का प्लान है कि एक सप्ताह का समय उत्तरी गाजा के लोगों को दिया जाए और फिर उसके बाद ब्लॉकेड कर दिया जाए। इजरायल की ओर से टाइम लिमिट पूरी होने के बाद उत्तरी गाजा को सैन्य क्षेत्र घोषित कर दिया जाएगा और फिर ब्लॉकेड होगा।इजरायल का प्लान है कि ब्लॉकेड के तहत उत्तरी गाजा में राशन, पानी की सप्लाई रोक दी जाएगी। इसके अलावा दवाओं और ईंधन तक ले जाने की परमिशन नहीं होगी। इजरायल का कहना है कि इस तरह से हमास के लोगों पर सरेंडर का दबाव डाला जाएगा। यही नहीं उन बंधकों को भी छोड़ने के लिए दबाव होगा, जिन्हें आतंकियों ने बीते एक साल से अपनी कैद में रखा है। फिलहाल इजरायल की सरकार इस प्लान पर विचार कर रही है। यही नहीं सूत्रों का कहना है कि कुछ नाकों से इस प्लान पर अमल भी शुरू हो गया है।बता दें कि रविवार को इजरायल ने फिर से उत्तरी गाजा में हमले किए। ये हमले जाबालिया रिफ्यूजी कैंप पर किए गए हैं। यही नहीं उत्तरी गाजा में 1 अक्टूबर के बाद से ही मदद पहुंचनी कम हो गई है। इस इलाके में इजरायल के हमले तेज हो गए हैं। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम ऐसे किसी भी प्लान के खिलाफ हैं, जिसके तहत इजरायल गाजा पर सीधे कब्जे की स्थिति में आता हो।