तिरुपति लड्डू विवाद पर जगनमोहन रेड्डी का धर्म पूछ रहे थे लोग, पूर्व CM ने बताई अपनी आस्था

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने शनिवार को कहा है कि वह सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और उनका धर्म मानवता है। तिरुपति लड्डुओं को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद सत्तारूढ़ एनडीए ने उनसे तिरुपति मंदिर में प्रवेश करने से पहले अपना धर्म बताने की मांग की।

जगन मोहन रेड्डी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “पूरा देश, राज्य, मेरे धर्म को जानता है। मेरे दिवंगत पिता दो बार मुख्यमंत्री बने और उन्होंने हमेशा भगवान बालाजी का आशीर्वाद लिया। मैं बाइबिल पढ़ता हूं, मैं हिंदू धर्म, परंपराओं और रीति-रिवाजों का भी सम्मान करता हूं। मैं इस्लाम और सिख धर्म का भी सम्मान करता हूं। मेरा धर्म मानवता है।”

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “मुझे आश्चर्य है कि दूसरे राज्यों के नेता मुझे मंदिर जाने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने उन्हें और उनकी पार्टी, युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को जारी नोटिस का जिक्र करते हुए ये बातें कही हैं। इस नोटिस में उन्हें पुलिस एक्ट की धारा 30 का उल्लंघन नहीं करने की चेतावनी दी गई थी। तिरुपति विवाद के बाद क्षेत्र में धारा 30 लागू है। जगनमोहन ने तिरुपति मंदिर जाने का ऐलान किया था जिसे बाद में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रद्द कर दिया गया।

जगन मोहन ने कहा है कि वह 11 बार मंदिर गए हैं और मुख्यमंत्री बनने से पहले भी गए थे। उन्होंने कहा, “उस समय उन्होंने मुझसे मेरे धर्म के बारे में कभी नहीं पूछा। और अब आप मेरी निष्ठा साबित करने के लिए मुझे यह नोटिस थमा रहे हैं?”

एक पूर्व अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि नियमों के मुताबिक, विदेशियों और गैर-हिंदुओं को मंदिर में देवता के दर्शन करने के लिए भगवान वेंकटेश्वर के प्रति अपनी श्रद्धा घोषित करनी होती है। बीते दिनों तिरुपति मंदिर के प्रसाद के लड्डुओं में जानवरों की चर्बी मिलने की खबर सामने आने के बाद विवाद शुरू हो गया था।

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