
भारतीय रेल की राजधानी संपर्क परियोजनाओं के तहत मिजोरम में भैरबी और होरटोकी के बीच नवनिर्मित रेलवे लाइन पर ट्रेन परिचालन को रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की मंजूरी मिल गई है। रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) सुमित सिंघल ने गुरुवार को इसकी मंजूरी दी।उन्होंने भैरबी और होरटोकी के बीच 16.725 किलोमीटर बिछाई गई नई बीजी लाइन पर माल और यात्रीवाही ट्रेनों के परिचालन को अधिकृत किया। इससे पहले सीआरएस ने बीते महीने के अंत में उक्त सेक्शन का वैधानिक निरीक्षण पूरा किया था। यह सेक्शन वर्तमान में चल रही 51.38 किलोमीटर लंबी भैरबी-साईरंग नई रेल लाइन परियोजना का हिस्सा है। सफल निरीक्षण और स्पीड ट्रायल के बाद सीआरएस ने बिछाई गई नई रेलवे लाइन पर अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रेनों के परिचालन को मंजूरी दी है। बिछाई गई यह नई लाइन इस मार्ग से और अधिक माल एवं यात्री परिवहन में सहायक होगी।
20 बड़े पुल और 27 छोटे पुल हैं शामिल
पूर्वोत्तर सीमा रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कलिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि भैरबी और होरटोकी के बीच नवनिर्मित बिजी लाइन सेक्शन में 20 बड़े पुल और 27 छोटे पुल हैं। इसमें तीन रोड ओवर ब्रिज और एक रोड अंडर ब्रिज भी शामिल हैं। इस नए सेक्शन में 13 सुरंग/ कवर्ड मार्ग हैं। औसत वार्षिक वर्षा 2112.823 मि.मी. के साथ यह सेक्शन भूकंपीय क्षेत्र – V में आता है। मुख्य लाइन में अधिकतम 100 किलोमीटर प्रति घंटे और लूप लाइनों में 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रेन संचालन हेतु इस सेक्शन का निर्माण किया गया है। इस सेक्शन में कुल 27.03% कर्वड ट्रैक है। ब्रिज संख्या 40 और 42 को बलास्ट रहित ट्रैक प्रदान किया गया है और पूरे सेक्शन में समपार फाटक नहीं है। सेक्शन को एमएसीएल सिग्नल सिस्टम के साथ इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रदान किया गया है। स्टेशनों के बीच संचार के लिए 25 वाट वीएचएफ के साथ ओएफसी सिस्टम होगा। होरटोकी रेलवे स्टेशन पर नया फुट ओवर ब्रिज, द्वितीय श्रेणी का प्रतीक्षालय, कवर्ड प्लेटफॉर्म्स, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं।
कुतुब मीनार से 42 मीटर ऊंचा है सबसे ऊंची पुल
शर्मा ने बताया कि भैरबी-साईरंग रेलवे परियोजना में दुर्गम क्षेत्रों में कई सुरंगों और पुलों का निर्माण कार्य शामिल हैं। इस परियोजना में सुरंगों की कुल लंबाई 12853 मीटर है। साईरंग स्टेशन के पहुंच पर पुल संख्या 196 के स्तंभ पी – 4 का निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है, जो परियोजना का सबसे ऊंचा स्तंभ है। इसकी ऊंचाई 104 मीटर है, जो कुतुब मीनार से 42 मीटर ऊंचा है। इस परियोजना में चार स्टेशन होंगे- होरटोकी, कौनपुई, मुआलखांग और साईरंग।
51 किलोमीटर लंबी है भैरबी-साईरंग परियोजना
परियोजना पूरी होने पर, 51.38 कि.मी. लंबी भैरबी-साईरंग नई रेल परियोजना मिजोरम के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, क्षेत्र में लघु उद्योगों को विकसित करने में मदद करेगी और राज्य के पर्यटन को बढ़ावा प्रदान करेगी। यह परियोजना स्थानीय आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस पहाड़ी राज्य में यात्रियों और विभिन्न सामग्रियों एवं वस्तुओं के परिवहन पर होने वाले खर्च में काफी कमी आएगी। मिजोरम की राजधानी और असम के आस-पास के स्थानों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। इस क्षेत्र के लोगों को देश भर में लंबी दूरी की पहुंच और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति मिलेगी।