
हरियाणा मंत्रिमंडल ने 10 और फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने के प्रस्ताव को सोमवार को मंजूरी दे दी। यह मंजूरी राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा कुरुक्षेत्र में ‘विजय शंखनाद’ रैली में की गई घोषणा के एक दिन बाद दी गई, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार सभी फसलों को एमएसपी पर खरीदेगी।उन्होंने इसके अलावा नहर के पानी से सिंचाई शुल्क की बकाया राशि माफ करने की भी घोषणा की थी। ये घोषणाएं इस साल के अंत में होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले की गई हैं।सोमवार को मंत्रिमंडल की एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि मंत्रिमंडल ने एमएसपी पर फसल खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार पहले से ही 14 फसलों को एमएसपी पर खरीद रही है।
सैनी ने कहा कि रागी, सोयाबीन, ज्वार और मूंग समेत 10 और फसलों को हरियाणा सरकार एमएसपी पर खरीदेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम से फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही राज्य सरकार हरियाणा में कुल 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदेगी। सैनी ने कहा कि हरियाणा सभी फसलों को एमएसपी पर खरीदने वाला देश का पहला राज्य बनेगा।
सैनी ने एक सवाल के जवाब में पंजाब सरकार से कुछ फसलों को एमएसपी पर खरीदने को कहा। उन्होंने कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक से भी किसानों से एमएसपी पर फसल खरीदने को कहा। सैनी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने ‘आबियाना’ (नहर के पानी से सिंचाई का शुल्क) खत्म करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि एक अप्रैल 2024 से किसानों से ‘आबियाना’ नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कदम से किसानों को प्रतिवर्ष 54 करोड़ रुपये का लाभ होगा।
सैनी ने रविवार को कहा था कि एक अप्रैल 2024 के बाद जारी किए गए ‘आबियाना’ संग्रह के नोटिस वापस ले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा था कि अगर किसी किसान ने एक अप्रैल के बाद शुल्क का भुगतान किया है तो वह राशि वापस कर दी जाएगी।