
अगले साल देश में लोकसभा चुनाव होने हैं और इस बार के चुनाव में दिल्ली की सात लोकसभा सीटें काफी अहम मानी जा रही हैं। INDIA गठबंधन में शामिल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दिल्ली की इन सभी सीटों पर क्या किसी फॉर्मूले के तहत लड़ेंगी?
या फिर दोनों ही पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतरेंगी? अभी इन सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं। इस बीच दिल्ली कांग्रेस ने इन सभी सीटों के लिए अपने समन्वयकों का ऐलान कर दिया है। यह सभी समन्वयकों को जिम्मेदारी दी गई है कि वो राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी के पुनर्गठन में मदद करें और अगले 15 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट पेश करें।
किसे मिली समन्वयक की जिम्मेदारी
कांग्रेस पार्टी ने जिन चेहरों को समन्वयक बनाया है उनमें चांदनी चौक लोकसभा सीट के लिए राहुल रिचार्या, साउथ दिल्ली सीट के लिए गुलाम हुसैन खलक, नॉर्थवेस्ट दिल्ली सीट के लिए सन्नी मलिक, नॉर्थईस्ट दिल्ली के लिए चिमन भाई विन्जुडा, नई दिल्ली लोकसभा सीट के लिए हकूबा जाडेजा, ईस्ट दिल्ली के लिए संजीव शर्मा और वेस्ट दिल्ली लोकसभा सीट के लिए उमा शंकर पांडे शामिल हैं।
न्यूज एजेंसी PTI से बातचीत करते हुए दिल्ली कांग्रेस के निर्वतमान अध्यक्ष अरविंद सिंह लवली ने कहा, ‘ दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी दीपक बाबरिया ने कुछ समन्वयकों को नियुक्त किया है। इसके अलावा सभी समन्वयक के पास उनकी मदद के लिए तीन नेता होंगे जो ब्लॉक और जिला अध्यक्षों के नामों की सूची बनाएंगे। हमारा लक्ष्य पूरे संगठन का पुनर्गठन करना है और यह इस कवायद का पहला चरण है।’
अरविंदर सिंह लवली ने कहा है कि 15 दिनों बाद समन्वयक जो भी रिपोर्ट देंगे हम उसकी जांच करेंगे और अगले चरण के बारे में फैसला करेंगे। लवली ने आगे बताया कि कांग्रेस कमेटी जिला और ब्लॉक स्तर पर भी कांग्रेस कमेटी का गठन किया जाएगा। अऱविंदर सिंह लवली ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट कांग्रेस कमेटी और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी होगी। इसके अलावा दो मंडल भी होंगे। हमारा लक्ष्य है कि पूरे संगठन का दो या तीन महीनों में नया रूप दिया जाए। बता दें कि साल 2014 और 2019 दोनों ही लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने सभी सातों सीट पर जीत हासिल की थी।