क्या है राष्ट्रीय ध्वज के रंगों का ग्रहों से कनेक्शन

आज यानी 15 अगस्त 2023 को भारत की आजादी का जश्न देशभर में मनाया जा रहा हैं जिसे Independence day भी कहते हैं इस दिन देश के कोने कोने में ध्वजा रोहण किया जाता हैं।

स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर आज हम आपको ज्योतिषीय अनुसार तिरंगे के रंगों का ग्रहों से संबंध और इसके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान कर रहे हैं तो आइए जानते हैं तिरंगे के रंगों का महत्व।

तिरंगे के रंगों का महत्व-
भारत का राष्ट्रीय ध्वज अनेकता में एकता को दर्शाता हैं इसमें मौजूद तीन रंगों का धार्मिक महत्व भी हैं जो व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालते हैं। ध्वज में केसरिया रंग शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता हैं ज्योतिषीय नजर से इस रंग का संबंध सूर्य ग्रह जोड़कर देखा जाता हैं।

जो आत्मनिर्भरता के साथ साथ शक्ति को दर्शाता हैं मजबूत सूर्य जीवन में सफलता प्रदान करता हैं इसके अलावा तिरंगे का दूसरा रंग सफेद हैं जो कि शांति और सम्मान का प्रतीक माना जाता हैं।

ज्योतिष में सफेद रंग को चंद्रमा और शुक्र का कारक माना गया हैं चंद्रमा मन के भाव को दर्शाता है तो वही शुक्र सौंदर्य और कला का प्रतिनिधित्व करता हैं। यह रंग समाज में शांति और सौहाद्र का संदेश देता हैं। ध्वज का हरा रंग हरियाली और संपन्नता का ​प्रतिनि​धित्व करता हैं।

ज्योतिष अनुसार इस रंग का संबंध बुध ग्रह से होता हैं यह रंग जीवन में सौभाग्य, समृद्धि और प्रगति की ओर इशारा करता हैं इसके अलावा ध्वज पर बना अशोक चक्र नीले रंग का होता हैं ज्योतिष में नीले रंग का संबंध शनि देव से माना जाता हैं जो कि कर्मों के दाता हैं यह रंग मन को शांत और क्रोध को समाप्त करने वाला हैं।

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