भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अगुवाई में संगठन को पूरी तरह से ‘युवा’ और ऊर्जावान बनाने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी ने एक बड़ा फैसला लेते हुए युवा मोर्चा के पदों के लिए उम्र की सख्त सीमा तय कर दी है। अब संगठन में ‘बुजुर्ग’ युवा नेताओं की जगह असली युवाओं को कमान सौंपी जाएगी। दिल्ली में हुई पदाधिकारियों की बैठक में इस नए फॉर्मूले पर मुहर लग गई है, जिसके तहत राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर उम्र का ‘बैरियर’ लगा दिया गया है।
35 और 32 का फॉर्मूला लागू
पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय युवा मोर्चा का अध्यक्ष अब अधिकतम 35 वर्ष का ही हो सकता है। वहीं, राज्यों के लिए यह नियम और भी सख्त कर दिया गया है। प्रदेश युवा मोर्चा इकाइयों के अध्यक्षों की उम्र सीमा 32 वर्ष तय की गई है। पार्टी ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि युवा मोर्चा की पूरी टीम का गठन राष्ट्रीय अध्यक्ष की उम्र को ध्यान में रखते हुए ही किया जाए। इसका मकसद बूथ स्तर से लेकर प्रदेश संगठन तक नई और युवा लीडरशिप तैयार करना है।
बड़बोले नेताओं पर लगेगी लगाम
नितिन नवीन ने कमान संभालते ही अनुशासन का डंडा भी चला दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि पार्टी विपक्ष के खिलाफ आक्रामक रुख तो अपनाएगी, लेकिन नेताओं की बयानबाजी पर नियंत्रण भी जरूरी है। अब सार्वजनिक बयान केवल अधिकृत नेताओं द्वारा ही दिए जाएंगे, ताकि बड़बोलेपन से पार्टी की छवि को नुकसान न हो। बैठक में संगठन महामंत्री बीएल संतोष और संयुक्त महासचिव शिवप्रकाश ने साफ किया कि पार्टी के नियमों में उम्र को लेकर जो प्रावधान हैं, अब उनका कड़ाई से पालन होगा।
विपक्ष के नैरेटिव को तोड़ने की तैयारी
बैठक में विपक्ष द्वारा ‘वीबी-जी राम जी’ अधिनियम और अन्य मुद्दों पर फैलाए जा रहे भ्रम को तोड़ने के लिए रणनीति बनाई गई। बीएल संतोष ने एक ऐसी समर्पित टीम बनाने पर जोर दिया जो मजदूरों और किसानों तक सीधे अपनी बात पहुंचा सके। इसके अलावा, इस साल होने वाले पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा भी की गई, जिसमें केंद्र सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।